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शिप्रा का वैभव निखरा, गंभीर डेम भी फुल
उज्जैन। आंकड़ों के नजरिए से भले ही उज्जैन में वर्षा औसत से कम हुई हो लेकिन मोक्षदायिनी शिप्रा और शहर के प्रमुख जस स्त्रोत में भरपूर पानी है। वर्षा का दौर थमने से शिप्रा नदी में बहाव तेज नहीं है लेकिन उसका सतत प्रवाहमान जल सभी को अपनी और आकर्षित कर रहा है। खुले मौसम और नदी के निर्मल जल से शिप्रा के वैभव में और निखार आ गया है। उधर गंभीर डेम भी पानी से लबरेज है। डेम की जल ग्रहण क्षमता को मेंटने करने के लिए गेट भी कई बार खोलने पड़ रहे हैं।
उज्जैन। शहर में इस वर्ष मानसून सीजन में भले ही बारिश की झड़ी नहीं लगी हो लेकिन आसपास के शहरों में हुई बारिश के बाद भीषण जलसंकट की कगार पर पहुंच चुके शहरवासी अब पूरे वर्ष पेयजल की समस्या से निश्चिंत हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि गंभीर डेम अपनी पूरी क्षमता से भर गया है, जबकि शहर में प्रतिदिन जलप्रदाय शुरू हो चुका है। गंभीर डेम प्रभारी के अनुसार गंभीर डेम के कैचमेंट एरिया और इंदौर जिले में मानसून की बिदाई के बाद गिरने वाले पानी की वजह से डेम में पानी की आवक होती रहती है।
इस कारण एक गेट को 2 से 3 सेंटीमीटर खोलकर पानी आगे बहा दिया जाता है। आज की स्थिति में गंभीर डेम की कुल क्षमता 2250 एमसीएफटी पर पानी स्टोर किया हुआ है। बीती रात भी डेम का एक गेट 2 सेंटीमीटर खोला गया था। बीती शाम शहर के कुछ इलाकों में भी हल्की बारिश दर्ज हुई थी। वेधशाला से मिली जानकारी के मुताबिक दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री दर्ज हुआ जबकि न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है।